मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल का महिला थाना अब आइसो सर्टिफाइड होने जा रहा है। कभी गंदे कमरों, बदबूदार टॉयलेट और सिपेज की दीवारों के लिए जाना जाने वाला महिला थाना अब आइसो सर्टिफाइड होगा। आइसो यानी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टैंडर्डाइजेशन बुधवार यानी आज थाने को यह सर्टिफिकेट मिल सकता है। इसके बाद यह सर्टिफिकेट लेने वाला प्रदेश का इकलौता महिला थाना बन जाएगा। पहले इसी थाने में थाने की हालत बहुत ही खस्ता हुआ करती थी लेकिन अब इसने इस सर्टिफिकेट पाने का जर्नी पूरी कर ली है।

भोपाल पुलिस कमिश्नर का यह दूसरा आईएसओ सर्टिफिकेट थाना होगा। इसमें पहले मिसरोद थाने को आईएसओ सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। बता दें कि इस महिला थाने में इसमें फीडिंग रूम ,विक्टिम फ्रेंडली माहौल और अच्छी बिल्डिंग होने के कारण यह फायदा मिला है इस महिला थाने में यह सारी सुविधाएं प्रोवाइड कराई जा रही हैं।
यहां बेहतरीन माल खाना था जिसमें सुधार करवाया और माल खाने में रखे माल को तय नियमों के आधार पर अदालत में जमा करवाया बेहतर प्रबंधन के तहत थाना स्टाफ के लिए जीरो रिस्क बैठक व्यवस्था की, यहां विवेचना अधिकारियों और स्टाफ के लिए अलग-अलग कमरा ,कंप्यूटर दिए गए हैं और सीसीटीवी कैमरे प्रोवाइड कराए गए हैं। विक्टिम फ्रेंडली माहौल किया गया है महिला थाना होने के कारण इसे विक्टिम फ्रेंडली बनाया गया है इसमें छोटे बच्चों के लिए झूला घर भी होगा और 5 से ज्यादा टॉयलेट बनाए गए हैं यह महिलाओं के लिए फीडिंग रूम भी होगा। इस थाने को पूरी तरह रिनोवेट कराया गया है। टीआई का कहना है कि रिनोवेट हुए इस थाने के भवन का इस साल 22 फरवरी को उद्घाटन किया था, 8 महीने के दौरान तय पैमाओं पर काम किया और सफलता पाई है।
बता दें कि दुनिया भर के करीब 160 देश की सदस्यता वाला आइसो एक स्वतंत्र संगठन है यह संगठन व्यवसायों के उत्पाद ,उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता ,सुविधा और दक्षता की जांच कर उन्हें प्रमाण पत्र देता है। यह सर्टिफिकेट 3 साल के लिए जारी किया जाता है इससे पहले भोपाल के मिसरोद थाने को में 2023 में यह सर्टिफिकेट मिला।
