देश भर में अब मानसून की विदाई हो चुकी है और ठंड ने दस्तक दे दी है। ठंड के दस्तक के साथ ही अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत से बदले मौसम के तेवर यस के तस बने हुए हैं। रात में ठंडक बरकरार है वहीं रात का तापमान 20 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हर जगह यही हाल है कि रात का तापमान कम और दिन का तापमान पर ज्यादा है। दिन और रात के तापमान में काफी अंतर है रात में हल्की ठंडक और दिन में छाए बादलों के बीच अब धुंध ने भी दस्तक दे दी है। देश के कई राज्यों में रात का तापमान कम और दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री के बीच चल रहा है अब दिन में गर्मी का एहसास और रात में ठंडक का एहसास होने लगा है।

वहीं अगर पहाड़ी इलाकों की बात की जाए तो वहां बर्फबारी जारी है, कश्मीर से उत्तराखंड के कई इलाकों जैसे केदारनाथ आदि में भी बर्फबारी का दौर जारी है। ठंडक बढ़ने के साथ ही इन इलाकों में बर्फबारी भी शुरू हो चुकी है।

वहीं अगर समुद्री तट के इलाकों की बात की जाए तो वहां अभी दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। जिससे कि लोगों को उमक और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वही इन इलाकों में रात का तापमान कम हो जाता है और लोगों को राहत मिलती है। अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो मध्य प्रदेश में मानसून की रवानगी के साथ ही बुधवार शाम को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की सी धुंध पढ़ने लगी है। दिन में बादल छाने से धूप की तीव्रता भी कम हो गई है, दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। बुधवार को दिन का तापमान 34.9 डिग्री दर्ज किया गया है। यह सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा बताया जा रहा है रात का तापमान 20.1 डिग्री दर्ज किया गया है। 24 घंटे में इसमें 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।

अगर रात और दिन के तापमान की बात की जाए तो दोनों में काफी अंतर है। मौसम विभाग ने कुछ दिनों पहले मौसम पूर्वानुमान बताते हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारत के कुछ राज्यों में बारिश की संभावना जताई थी, जिसके कारण कई राज्यों में बादल छाए रहे। जिससे दोपहर में ज्यादा घने बादल छाए होने से 3 घंटे में ही सिर्फ 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई। तापमान में कई जगह बुधवार को सुबह से ही बादल छाए रहे दोपहर में और घने हो जाने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो गई। इस कारण सुबह से दोपहर तक 3 घंटे में सिर्फ 0.4 डिग्री का इजाफा हुआ। इस तापमान में वृद्धि का कारण साइक्लोनिक सर्कुलेशन बताया जा रहा है मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्य प्रदेश से सटे राज्य के दक्षिण पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।

इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई लेकिन भोपाल में बादल छाए रहे। वही हल्की धुंध का कारण भी यही बताया जा रहा है अगले तीन-चार दिन में मौसम शुष्क रह सकता है।

वही मौसम में नमी के घटने के कारण और शुष्कता आने पर ठंडक का एहसास ज्यादा होने लगेगा और तापमान घटने लगेगा। अभी नमी के कारण उमस हो रही है जिससे की तापमान में बढ़ोतरी हो रही है लेकिन जैसे ही यह साइक्लोनिक सरकुलेशन का असर खत्म हो जाएगा वैसे ही ठंडक का एहसास ज्यादा होने लगेगा और रात में ठंडक बढ़ने के असर है।

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