हर मौसम के बदलने पर वायरल होना आम बात है। और जब बारिश के बाद सर्दी का मौसम आता है तब वायरल ,सर्दी ,जुखाम, बुखार जैसी समस्याएं होना बहुत आम बात हो जाती है। यह वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम आदि बीमारियां मौसम में एकदम आए बदलाव के कारण होती हैं। फिर जैसे ही मौसम स्थिरता में आता है यह संख्या कम होने लगती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। हर साल की तरह इस साल मरीज घटने की जगह बढ़ते नजर आ रहे हैं। जो कतारे नवंबर में अस्पतालों में देखी जाती थी वह अभी दिसंबर में दुगनी देखी जा रही है वायरल के मरीज घटने की वजह बढ़ते जा रहे हैं।
इसका कारण मौसम के पैटर्न में आए अचानक बदलाव को बताया जा रहा है। हर साल दिसंबर के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ने लगती थी और लोग इसके अनुकूल होकर खुद को बचाकर रखते थे और ठंड से बचाव करने लगते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। ठंड सही से नहीं पढ़ रही। सुबह शाम अचानक ठंड बढ़ जाती है तो दिन में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले पश्चिमी विक्षोभ और तूफान की वजह से बारिश का दौर चल रहा था, मौसम में नमी थी। उसके बाद मौसम शुष्क होने लगा और ठंड बढ़ने लगी। इस तरह मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन के कारण मानव शरीर खुद को अनुकूल नहीं कर पा रहा। हम यह कह सकते हैं कि इस बार मौसम में बार-बार हो रहे उलटफेर की वजह से वायरल के मरीज कम होने की वजाए बढ़ते जा रहे हैं।
वायरल का कारण प्रदूषण भी:-
दिसंबर के महीने में सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना कम से कम 6000 मरिज बुखार और सर्दी जुकाम के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। आमतौर पर दिसंबर में इन संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में खासी गिरावट आ जाती है लेकिन इस बार यह लगातार बढ़ रही है इसकी वजह दिन और रात के तापमान में बहुत अधिक अंतर होने के साथ प्रदूषण भी बताया जा रहा है दिन में गर्मी और रात में सर्दी होने के कारण आम लोग खान-पान में भी लापरवाही बरत रहे हैं।
दिन में लोगों को गर्मी का एहसास होता है जिससे की ठंडी चीजों का सेवन किया जाता है और वही रात का तापमान बिल्कुल अलग हो जाता है यानी घट जाता है। जिससे कि शरीर इसका आदी नहीं हो पाता। सर्दी होने के कारण आम लोग खान-पान में भी लापरवाही बरत रहे हैं कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम के सेवन से बीमारी बढ़ रही है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में राजधानी में प्रदूषण की हालत यह थी कि एक्यूआई 300 से ऊपर पहुंच गया था। अतः लोगों के बीमार होने का कारण की बड़ी वजह प्रदूषण भी है।
ठंडे खाद्य पदार्थों के सेवन से बढ़ रहे वायरल के मरीज:-
राजधानी के जेपी अस्पताल के मेडिसिन स्पेशलिस्ट का कहना है कि सर्दी का मौसम सेहत बनाने के लिहाज से बेहतर होता है लेकिन लोग खानपान में लापरवाही बरतने लगते हैं। अभी दिसंबर में कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम समेत दूसरे तमाम ठंडी तासीर वाले उत्पाद का सेवन कर रहे लोग ज्यादा इन वायरल इनफेक्शंस के शिकार हो रहे हैं। यही वजह है कि अब दिसंबर महीने में भी सर्दी ,जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं जबकि पहले ऐसे मरीज मौसम में बदलाव के वक्त ही ज्यादा सामने आते थे। लोगों को ठंडी तासीर वाले उत्पादों से बचना चाहिए।
स्पेशलिस्ट का कहना है कि मौसम में ठंडक अब बढ़ने लगी है तीन से 5 दिन में मरीज रिकवर हो रहे हैं। अच्छी बात यह है कि मरीजों को भर्ती नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन खानपान का विशेष ध्यान रखना होगा, खासकर बच्चों के मामले में आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक समेत दूसरी ठंडी चीजों का सेवन नहीं करने देना होगा। सुबह और शाम के वक्त में गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकालना एक अच्छा बचाव है। ठंडी तासीर वाली खाद्य वस्तुओं का सेवन करने से यथा संभव बचना होगा।
जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी मरीजों की संख्या घटती जाएगी क्योंकि मौसम में स्थिरता आएगी और लोग सर्दी से अपना बचाव भी करने लगेंगे। यह सही है कि वायरल के मरीज सामने आ रहे हैं लेकिन पिछले तीन दिनों में इसमें कुछ कमी आई है जैसे-जैसे ठंड का मौसम आगे बढ़ेगा मरीजों की संख्या घटती जाएगी।
