मणिपुर में चल रही सांप्रदायिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है और स्थानीय लोग सेना को अपने काम करने से भी रोक रहे हैं सेना द्वारा आईथम गांव में हिरासत में लिए 12 उग्रवादियों से बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है, लेकिन महिलाओं की भीड़ ने इसका विरोध करते हुए सेना से उन उग्रवादियों को छुड़वा लिया।
यह उग्रवादी मणिपुर में इंफाल पूर्व के आईथम गांव में सेना के सर्च ऑपरेशन में पकड़े गए थे। जिन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ना पड़ा, उनमें कथित तौर पर 2015 में चंदेल जिले में 18 सैनिकों की जान लेने वाले एंबुश के मास्टरमाइंड स्वयंभू ले कर्नल म तबा उर्फ़ उत्तम भी शामिल था।
मणिपुर हिंसा में लगातार कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं 6 जिलों के भीड़तंत्र राज्य के 6 जिलों विष्णुपुर ,इंफाल पूर्व ,इंफाल पश्चिम उखरुल ,चूराचांदपुर और कानपोक्प में सेना और पुलिस की कार्यवाही में यहां के लोग बाधा बन रहे हैं।
मैतई और कुकी समुदाय के लोग अपने अपने क्षेत्रों में किसी भी गिरफ्तारी और तलाशी का भीड़ के रूप में विरोध करने लगते हैं जिससे कि सेना और पुलिस अपने ऑपरेशंस को अंजाम नहीं दे पा रही है और यहां पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।
