राजस्थान और हरियाणा में 29 जून तक बाजरा की रिकॉर्ड बौनी हो चुकी है। इस वर्ष 25.67 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है बाजरा की बोनी जबकि पिछले वर्ष केवल 9 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।गुजरात में भी इस वर्ष 11 हजार हेक्टेयर में बोनी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के एटा और मैनपुरी लाइन में ग्रीष्मकालीन बाजरे की आवक तीन चार हजार बोरी हो रही है ।
मंडियों में 1850 से 1950 रुपए बिक रही है। टेंडरों में चने में जोरदार मांग चल रही है आए दिन लेवाल भाव बढकर खरीदी कर रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि देश में चने की कमी है जिस गति से खरीदी हो रही है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2022 का चना शीघ्र समाप्त हो सकता है।
तुअर के भाव आए दिन ऊपर नीचे होते नजर आ रहे हैं डॉलर चने की आवक 900 से 1000 बोरी हॉक हो रही है चना दाल में लंबे समय के बाद सुधार आया है मूले बाल पीछे हट गए मिलो ने खरीदी भाग घटाने से गेहूं के भाव में कमी आई है।
