मणिपुर में हिंसा भड़कने की बड़ी वजह हाई कोर्ट के द्वारा मैताई समुदाय को जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को स्वीकार करना है हाई कोर्ट के इसी फैसले के बाद मेथी समाज निशाने पर आ गया और राज्य में हिंसा भड़क उठी थी।

मणिपुर में पहाड़ी और घाटी के लोगों के बीच विवाद बहुत पुराना और संवेदनशील हो गया है। मणिपुर में सामुदायिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा में अब तक 100 लोगों की जान जा चुकी है इस बीच इंडिजिनियस ट्राईबल लीडर्स फोरम ने दावा किया है कि मणिपुर में हिंसा के दौरान 253 चर्चों को जलाकर खाक कर दिया गया रिपोर्ट के मुताबिक चुरा चांदपुर जिले में मान्यता प्राप्त जनजातियों के इस संगठन ने चर्चा पर हुए हमलों को लेकर जानकारी दी है संगठन की तरफ से राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें चर्चों को लेकर यह दावा किया गया है।

असम के सीएम आज अमित शाह से मिलेंगे और मणिपुर हिंसा मामले पर चर्चा करते हुए मामले की रिपोर्ट गृहमत्री अमित शाह को सौंपेंगे।

मणिपुर हिंसा के चलते कई लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा है सरकार द्वारा लोगों के लिए राहत शिविर चलाए जा रहे हैं शिविर में जरूरत की सारी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

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