सदी के “महानायक ,शहंशाह, बिग बी” आदि नामों से पहचान पाने वाले बॉलीवुड के महान अभिनेता अमिताभ बच्चन आज 11 अक्टूबर को अपना 81 व जन्मदिन सेलिब्रेट करने जा रहे हैं। अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद उत्तर प्रदेश के कायस्थ परिवार में हुआ। इनके पिता प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन थे। 1970 की दशक के दौरान उन्होंने बड़ी लोकप्रियता प्राप्त की और तब से भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक प्रमुख व्यक्तित्व बन गए। अमिताभ ने अपने करियर में अनेक पुरस्कार भी जीते जिनमें “दादा साहेब फाल्के पुरस्कार”, तीन “राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार” और 12 “फिल्म फेयर पुरस्कार” सम्मिलित है।
बता दे की अमिताभ बच्चन का नाम सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फिल्म फेयर अवार्ड का रिकॉर्ड है वह अभिनय के अलावा गायन भी करते हैं फिल्म निर्माता, टीवी प्रस्तुती और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में 1984 से 1987 तक भूमिका में रहे हैं अतः यह फार्मर लोकसभा सदस्य रहे हैं।
शहंशाह को इंडस्ट्री में लगभग 5 दशकों से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इस बीच उन्होंने बॉलीवुड और इंडस्ट्री को एक्टिंग का सही मतलब सिखाया है और कई सुपर डुपर हिट फिल्में दी हैं उन्होंने अपनी कलाकारी से दर्शकों के दिलों को जीता है और लगातार 50 दशकों से देश की जनता को एंटरटेन करते आ रहे हैं। उनका यह सफर आसान नहीं था। अपने करियर की शुरुआती दिनों में अमिताभ बच्चन को सोच से भी ज्यादा संघर्ष करना पड़ा। जिस चीज की वजह से उन्हें आज बॉलीवुड और इंडस्ट्री में पहचान मिली है और लोग उन्हें जिसकी वजह से आज बेहद पसंद करते हैं और प्यार करते हैं एक समय पर उन्हीं चीजों की वजह से उन्हें इंडस्ट्री में नकारा गया और नाकामिया मिली।
बिग बी की सक्सेस स्टोरी किसी फिल्म स्टोरी से कम नहीं है, लंबी हाइट ,भारी आवाज को लेकर कई बार उन्हें ताने सुनने पड़े और रिजेक्शन झेलना पड़ा। आज इन्हीं चीजों की वजह से उनकी एक अलग पहचान बनी है और उनकी आवाज के लोग दीवाने हैं। बिग बी ने अपने शुरुआती करियर में संघर्ष किया पहले वह बॉयज आर्टिस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं। और अभी तक वह उम्र दराज होने के बाद भी लोगों को मनोरंजित कर रहे हैं। अब सदी के महानायक के जीवन के बारे में कुछ बातें जानना चाहिए।

अमिताभ बच्चन का करियर: इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले अमिताभ बच्चन को काफी दिक्कतों और संघर्ष का सामना करना पड़ा है। अमिताभ ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत ख्वाजा अहमद अब्बास के निर्देशन में बनी फिल्म “सात हिंदुस्तानी” से की। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन तो नहीं कर पाई लेकिन अमिताभ को अपनी पहली फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से में नवागंतुक के रूप में पुरस्कार मिला। इसके बाद उनकी एक और फिल्म “आनंद” आई जिसमें उन्होंने उस समय के लोकप्रिय कलाकार राजेश खन्ना के साथ काम किया जो आज तक लोगों के दिलों पर राज करती है। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कई फिल्में परवाना, गुड्डी, रेशमा और शेरl, मुंबई टू गोवा आदि फिल्में की अमिताभ बच्चन की शुरुआती करियर के दौरान वह इतने संघर्ष से जूझ रहे थे कि उनके पास रहने को घर तक नहीं था और वह अपने संघर्ष के दिनों में करीब 7 साल तक अभिनेता, निर्देशक और हास्य अभिनय के बादशाह मेहमूद के साथ उनके घर पर रुके।
अमिताभ बच्चन के करियर में उछाल और कामयाबी तब शुरू हुई जब उन्होंने प्रकाश मेहरा की फिल्म “जंजीर” में इंस्पेक्टर विजय खन्ना की भूमिका निभाई। इसके बाद तो मानो अमिताभ बच्चन का कैरियर ऊंचाइयां छूने ही वाला था इसके बाद उन्हें अभियान, नमक हराम ,नमक हलाल ,रोटी कपड़ा और मकान, दीवार, शोले ,चुपके चुपके आदि यह फिल्में ऐसी हैं जिनमें अमिताभ बच्चन ने ऐसी भूमिका निभाई की आज भी फिल्में उनके नाम से जानी जाती हैं।इसके बाद भी अमिताभ बच्चन रुके नहीं और वह लगातार बैक टू बैक हिट फिल्में देते रहे। 1982 में कुली फिल्म में बच्चन ने अपने सह कलाकार पुनीत इस्सर के साथ एक फाइट सीन की शूटिंग के दौरान अपनी आंतों को लगभग घायल कर लिया और उन्हें गहरी चोट लगी जिससे वह काफी बीमार हो गए और फिर उनका लंबा इलाज चलl फिल्म के आगे की शूटिंग उनके ठीक होने के बाद हुई हालांकि जैसे ही यह मैच की और कूदे तब मैच का कोना उनके पेट से टकराया जिससे उनके आंतो को चोट पहुंची। उनके शरीर से काफी खून बाहर निकला था। इसके बाद यह फिल्म रिलीज हुई और आंशिक तौर पर बच्चन की दुर्घटना के असीम प्रचार के कारण बॉक्स ऑफिस पर सफल हुई।
लेकिन कहते हैं ना कि हर इंसान की जिंदगी में एक समय ऐसा आता है जब वह गिरकर उठता है, अमिताभ बच्चन की जिंदगी में भी एक समय ऐसा आया जब उनका करियर फ्लॉप होने लगा और बैक टू बैक फिल्में फ्लॉप जाने लगे। इसके बाद तो जैसे दर्शकों को लगा कि बिग बी का समय अब फिल्मों में बस खत्म हो गया है। हालांकि अमिताभ बच्चन भी कहां हार मानने वालों में है उन्होंने साल 2000 में “मोहब्बतें” फिल्म के साथ जोरदार कम बैक किया और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपर डुपर हिट रही। इसके बाद तो मानो फिर बिग बी ने कभी पलट कर पीछे नहीं देखा और वह अब तक फिल्में कर रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में एक ब्लॉकबस्टर शो “कौन बनेगा करोड़पति” भी किया जो अभी तक चल रहा है और वह उसे होस्ट करते हैं।

अपने फैंस के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए अमिताभ बच्चन 81 साल की उम्र में भी सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव दिखाई देते हैं आए दिन कोई ना कोई पोस्ट करते रहते हैं। अगर उनके आगामी प्रोजेक्ट की बात की जाए तो वह फिल्म “गणपत” में दिखाई देंगे जो 20 अक्टूबर 2023 को रिलीज होने जा रही है। इसके अलावा वह प्रभास और दीपिका की फिल्म कलकी 2898 में दिखाई देंगे, बटरफ्लाई और थलाइवर 170 में भी नजर आएंगे।
अमिताभ बच्चन का राजनीतिक कैरियर: अमिताभ बच्चन ने अभिनय से कुछ समय के लिए विश्राम ले लिया था और अपने पुराने मित्र राजीव गांधी की सपोर्ट में राजनीति में कदम रख लिया था। उन्होंने इलाहाबाद से लोकसभा सीट से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को आम चुनाव के लिए लड़े और उन्हें हराया था। हालांकि इनका राजनीतिक कैरियर कुछ अवधि के लिए ही था जिसने 3 साल बाद इन्होंने अपनी राजनीतिक अवधि को पूरा किए बिना त्याग दिया। इस त्यागपत्र के पीछे उनके भाई का वोफोर्स विवाद में अखबार में आ जाना था जिसके लिए इन्हें अदालत में जाना पड़ा और बच्चन दोषी नहीं पाए गए।
उनके पुराने मित्र अमर सिंह ने उनकी कंपनी एबीसीएल के फेल हो जाने के कारण आर्थिक संकट के समय उनकी मदद की। इसके बाद बच्चन ने अमर सिंह की राजनीतिक पार्टी समाजवादी पार्टी को सहयोग देना शुरू कर दिया। जया बच्चन ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली और राज्यसभा की सदस्य बन गई। बच्चन ने समाजवादी पार्टी के लिए अपना समर्थन देना शुरू कर दिया और जिसमें राजनीतिक अभियान अर्थात प्रचार प्रसार करना भी शामिल हो गया। उनकी इन गतिविधियों ने उन्हें एक बार फिर मुसीबत में डाल दिया और इन्हें झूठे दावों में फंसा दिया। विवादों में फंसने और इन सब के चलते उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर पूरी तरह त्याग दिया और फिर से वापस फिल्मों में अभिनय करने लौट आए।
