कंगना रनौत हाल ही में अपनी फिल्म “तेजस” को लेकर बड़ी ही चर्चा में चल रही थी। वह इसके प्रोडक्शन के लिए भी कई जगह देखी गई है। अब फिल्म तेजस रिलीज भी हो चुकी है फिल्म आज शुक्रवार को रिलीज हो गई है एक्ट्रेस ने फिल्म में वायु सेना अधिकारी का रोल निभाया है फिल्म की कहानी एक तेजस गिल के जांबाजी से भरे मिशन को दिखाती है।

स्वदेश में निर्मित और भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल लड़ाकू विमान तेजस की सबसे बड़ी खासियत है यह एक ऐसा विमान है जो एक साथ 10 टारगेट्स को ट्रैक करते हुए हमला कर सकता है इसे टेक ऑफ के लिए ज्यादा बड़े रनवे की जरूरत नहीं होती है। साथ ही यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मामलों में हमला कर सकता है यह हर तरह के मौसम में काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम है यह सभी खूबियां तेजस को एक अनोखा एयरक्राफ्ट बनाती हैं। साल 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने ही इस हल्के लड़ाकू विमान का नामकरण किया था।

इसी तेजस के केंद्र में कंगना रनौत अभिनीत फिल्म तेजस सिनेमाघर में आज रिलीज हो चुकी है यह फिल्म तेजस की खूबियों को बेहतर तरीके से बताती है लेकिन कहानी स्क्रीनप्ले के स्तर पर लड़खड़ा गई है। अभी फिल्म के कुछ ही शो हुए हैं लेकिन सिनेमाघर से फिल्म को देखकर लौटी ऑडियंस से पूछने पर कुछ इस तरह के रिव्यू आए हैं बाकी कहानी लोगों को काफी पसंद आई है। सर्वेश मेवाड़ा द्वारा लिखित और निर्देशित तेजस के ओपनिंग शॉर्ट से विंग कमांडर तेजस गिल कंगना रनौत के साहस से परिचित करवा दिया जाता है वह निर्देशों की अनदेखी करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर निषिद्ध दीप में अपने सहयोगी की जान बचाती है।

करीब 3 साल पहले आई फिल्म गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल भारतीय महिला पायलट की सच्ची कहानी से प्रेरित थी। उससे वायु सेना की कार्यप्रणाली की अच्छी झलक मिली थी तेजस को शुरुआत में ही काल्पनिक कहानी बता दिया गया। फिल्म का फर्स्ट हाफ तेजस की जिंदगी से परिचित कराता है कहानी के मुख्य मुद्दे महिला सशक्तिकरण , लिंग भेद और देशभक्त है। इन मुद्दों के साथ स्क्रीनप्ले पर गहराई से काम करने की जरूरत थी लेकिन शायद उतना अनुशासनात्मक नहीं हो पाया। तेजस का सारी जिम्मेदारी खुद पर लेना जैसे दृश्य में कोई नयापन नहीं है। इस तरह कुछ दृश्य जो फिल्म में दिखाए गए वह ज्यादा रोमांचक हो सकते थे लेकिन स्क्रीन प्ले में वह इतने रोमांचक नहीं बन पाए। मध्यांतर की बात कहनी प्रशांत को बचाने पर केंद्रित होती है वहां से कहानी में गति आती है तेजस और उसकी सहयोगी महिला पायलट को इस मिशन पर भेजा जाता है।

कंगना की मौजूदगी में वह अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब रही है कंगना बेहतरीन अभिनेत्री हैं फिल्म का भार मूल रूप से उनके कंधों पर है उनका अभिनय कमजोर स्क्रिप्ट का भर नहीं उठा पता है अंशुल चौहान फिल्म का खास आकर्षण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *