यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने रूस की कमर तोड़ने के लिए सख्त प्रतिबंध लगाए थे।
लेकिन यह भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबियों सहित वहां के रईसों के लिए अवसर में बदल गए।
पश्चिम की सरकारों और उपभोक्ताओं के दबाव में कोका कोला , लिबाइस, एप्पल जैसी कई बड़ी कंपनियों ने अपना कारोबार समेट लिया ।कई को अपनी संपत्तियां बाजार से कम दाम पर बेचने पड़ गई ।
रूस में आम उपभोक्ताओं को भले ही इससे उनके मन चाहे उत्पाद मिलना बंद हो जाए, लेकिन रूस की सत्ता के करीबी लोगों को यहां भी फायदा हो गया कई संपत्तियों को उन्होंने कम दामों पर खरीद कर मुनाफा कमा लिया।
